
योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की कि अब मथुरा नगरी को भी अयोध्या की ही तरह भव्य नगरी में तब्दील करके हर त्यौहार को उसी तरह मनाया जाएगा जिस सुंदरता से अयोध्या में मनाये जाते हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज संतों के बीच बैठकर खुद को सौभाग्यशाली मानते हुए कहते नजर आये की ब्रज नगरी मथुरा को भी अयोध्या की तरह सुन्दर और पूरी तरह भक्त नगरी बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी तक के आजाद भारत के इतिहास में उत्तर प्रदेश में किसी भी पार्टी का शासन रहा हो लेकिन किसी भी मुख्यमंत्री ने भगवान् कृष्ण की भूमि मथुरा के उत्थान की ओर इतना ध्यान नहीं दिया था। जब उत्तर प्रदेश में भाजपा को जनता ने शासन चलाने का आदेश दिया तब भाजपा सरकार ने अयोध्या में केवल भगवन राम के मंदिर का निर्माण ही नहीं, बल्कि भव्य दीपावली और अन्य त्यौहार भी जिस तरह आयोजित कराये उसको देखकर आज पूरे देश की जनता गदगद है।

योगी आज वृन्दावन (मथुरा) में ब्रज महोत्सव का शुभारम्भ करने पधारे हुए थे। हेलीकॉप्टर से उतारते ही मंत्री श्रीकांत शर्मा, चौधरी लक्ष्मीनारायण और हिन्दू संतों ने केसरिया गमछा ओढ़ाकर योगी का स्वागत किया। मुख्यमंत्री योगी ने संतों के साथ भोजन करने के बाद ब्रज उत्सव का शुभारम्भ करते हुए कहा कि आज देश के विद्वान संतों का आशीर्वाद पाकर मैं अपने को बहुत ही सौभाग्यशाली अनुभव कर रहा हूँ। भविष्य में ब्रज नगरी मथुरा पर्यटन नगरी के साथ साथ भक्त और संतों की नगरी होगी। ब्रज उत्सव और मथुरा का उत्थान भविष्य में भी भव्य होगा और आने वाले समय में उत्तर प्रदेश सरकार इस तरह के आयोजनों को और भव्य रूप प्रदान करेगी।
योगी ने अपनी और केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए आने वाले समय में भी जनता से और संतों से इसी तरह का आशीर्वाद देते रहने की अपील की। हजारों की संख्या में पधारे लोगों ने जब पंडाल में मोदी / योगी की जय और धार्मिक नारे लगाए तब योगी गदगद दिखे।
मथुरा के एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता के अनुसार इस उत्सव को देखते हुए ऐसा प्रतीत होता है कि योगी आदित्यनाथ अपनी तरह ही संतों और कृष्ण भक्तों को भी सक्रिय राजनीती में लाना चाहते हैं, जबकि संतों और राम एवं कृष्ण भक्तों को राजनीति से दूर रहना चाहिए। अभी तक जिस तरह संत और वृन्दावन – मथुरा के कृष्ण भक्त सियासत से दूरी बनाये हुए हैं। उसी तरह उनसे दूरी बनाये रखने की अपील की जाती है। योगी आदित्यनाथ संत हैं या राजनीतिज्ञ, यह मथुरा के संतों को भी देखना होगा।

