शरद पूर्णिमा का महत्त्व यूँ तो भारत में काफी माना जाता है, लेकिन आगरा के पर्यटन उद्योग के लिए शरद पूर्णिमा की रात का महत्त्व काफी अधिक है। दशकों से शरद पूर्णिमा की रात को ताजमहल में लगी पच्चीकारी की चमक को देखने के लिए देशी / विदेशी पर्यटकों का ताँता लगा रहता है। इस रात को ताजमहल की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है और अगर कोई पर्यटक चांदनी रात में ताजमहल की पच्चीकारी की चमक को देखने में सफल हो जाता है, तो वो खुद को भाग्यशाली मानता है।
आगरा टूरिस्ट वेलफेयर चेंबर के सचिव विशाल शर्मा के अनुसार पिछले वर्ष कोरोना का प्रकोप बढ़ने के कारण शरद पूर्णिमा पर ताजमहल बंद रहा था जिसके कारण पर्यटक ताजमहल की ‘चमकी’ देखने से महरूम रहे थे। इससे पहले वर्ष 2019 की शरद पूर्णिमा पर ताजमहल आखिरी बार पर्यटकों के लिए खुला था और अब दो वर्ष बीतने के बाद 20 अक्टूबर की शरद पूर्णिमा को दोबारा पर्यटकों को ताजमहल की खूबसूरती का दीदार हो सकेगा।
शर्मा ने बताया कि ताजमहल के रात्रि दर्शन 18, 19, 20, और 21 अक्टूबर को किये जा सकेंगे। 22 अक्टूबर को शुक्रवार होने के कारण ताजमहल पर्यटकों के लिए बंद रहेगा और केवल जुमे की नमाज के लिए स्थानीय नमाजियों को प्रवेश दिया जाएगा। लेकिन 22 अक्टूबर को भी पर्यटक ताजमहल का रात्रि दर्शन कर सकेंगे, जिसके लिए ताजमहल के पीछे महताब बाग़ स्थित ‘ताज व्यू पॉइंट’ पर आगरा विकास प्राधिकरण और पुरातत्व विभाग द्वारा व्यवस्थाएं कराइ जा रही हैं।
शरद पूर्णिमा पर ताजमहल देखने के महत्त्व के बारे में बताते हुए शर्मा ने कहा कि शरद पूर्णिमा की रात को ताजमहल पर ‘चमकी’ देखने दूर – दूर से पर्यटक आगरा आते हैं। जब शरद पूर्णिमा के चाँद की किरणें ताजमहल की पच्चीकारी पर पड़ती हैं तो ताज मैं लगे कई पत्थर हीरों की तरह जगमगा उठते हैं जिससे ऐसा ही प्रतीत होता है कि ताजमहल में हीरे जड़े हैं। इसी को ‘चमकी’ कहा जाता है। इस दौरान ताजमहल का अप्रतिम सौंदर्य देखकर सैलानी भी ख़ुशी महसूस करते हैं और इस लम्हे को अपने कैमरे में कैद करना चाहते हैं।
पूर्व निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत शरद पूर्णिमा की रात को भी अधिकतम 250 पर्यटकों को ताजमहल में प्रवेश की अनुमति होती है, जिन्हें 50 – 50 के दलों में रात 8:30 बजे से अंदर भेजा जाता है। हर दल केवल आधा घंटा ही अंदर रह सकता है और ताजमहल को मुख्य द्वार पर स्थित रेड सैंडस्टोन प्लेटफार्म से ही देखा जा सकता है।
पुरातत्व विभाग के सूत्रों के अनुसार 17 अक्टूबर से ताजमहल के रात्रि दर्शन के टिकट मिलने शुरू हो जाएंगे। रात्रि दर्शन के लिए स्लॉट एक दिन पहले आरक्षित करना पड़ता है और इसके लिए ऑनलाइन आरक्षण की व्यवस्था नहीं है। पर्यटकों को ताज के रात्रि दर्शन के लिए एक दिन पहले आगरा आना पड़ेगा। जहाँ देशी पर्यटक को ताज के रात्रि दर्शन का टिकट 510 रुपये का पड़ेगा, वहीँ विदेशी पर्यटक को 750 रुपये देने पड़ेंगे। 3 वर्ष तक के बच्चों का टिकट नहीं लगेगा। अगर किसी पर्यटक ने टिकट लिया है और वो किसी कारणवश नियत दिन पर ताज नहीं जा सकता है तो उस दिन के 12 बजे तक टिकट निरस्त कराया जा सकता है। मेहताब बाग़ के ताज व्यू पॉइंट से ताजमहल के रात्रि दर्शन के लिए टिकट दर अभी निर्धारित नहीं हो सकी है।

