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farmer-fertilizerजो सत्ता में हैं, अगर वही अपनी सरकार और अधिकारियों की शिकायत करते नजर आयें, वह भी तब जब विधानसभा चुनाव नजदीक हों, तो आश्चर्य होना लाजिमी है। आगरा में यही हो रहा है।

जिले की खाद वितरण व्यवस्था इतनी लचर हो चुकी है कि सम्बंधित अधिकारी अब सांसद और विधायकों के आगे भी बुलंद आवाज में झूठ बोलते नज़र आ रहे हैं और कह रहे हैं कि जिले में खाद की कोई कमी नहीं है। अधिकारी दावा कर रहे हैं कि जिले में खाद की दो रैक आ चुकी है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि किसान खाद के लिए जिले भर में मारे – मारे फिर रहे हैं।

किरावली तहसील के किसान भगवान् सिंह चाहर बताया कि वर्तमान में हम खाद के लिए भटक रहे हैं। अगर अधिकारियों के अनुसार खाद की दो रैक आ चुकी हैं तो वह खाद कहाँ गई? किन किसानों को दी गयी? भगवान सिंह ने बताया कि खुद भाजपा के नेताओं से संपर्क करने पर वह कहते हैं कि जिले में वास्तव में खाद की कमी है। ब्रज क्षेत्र का किसान खाद के लिए बेहद परेशान है जबकि खाद अधिकारी झूठ पर झूठ बोले जा रहे हैं।

सूत्रों ने बताया कि जिले में 3.36 लाख किसान 3 लाख हेक्टेयर जमीन पर खेती करते हैं। सरसों, आलू, सब्जी सहित अन्य फसलों के लिए अक्टूबर में 18 हजार मीट्रिक टन खाद की जरूरत है। अभी दो रैक के जरिये 7450 मीट्रिक टन खाद ही आई है। आवश्यकता से लगभग आधी मात्रा में ही खाद की आपूर्ति होने से जिले में खाद की किल्लत हो रही है।

भारतीय किसान युवा के जिलाध्यक्ष राजवीर लवानियां ने बताया कि बुवाई का समय है, खाद की किल्लत बनी हुई है। सहकारी समितियों पर खाद नहीं मिल रही है। अगर 5 दिन में किसानों को पर्याप्त खाद नहीं मिली तो समितियों का घेराव किया जायेगा।

किसान नेता चौधरी रामवीर सिंह ने बताया कि ब्लॉक स्तर पर खाद की कमी है। खंदौली क्षेत्र में भी किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है। जिला प्रशासन और कृषि विभाग में इसकी शिकायत भी कर चुके हैं। अगर खाद नहीं मिली तो कृषि विभाग के कार्यालय पर धरना दिया जायेगा।

जिला कृषि अधिकारी विनोद सिंह ने बताया कि 7450 मीट्रिक टन खाद आयी है। दो दिन में 3700 मीट्रिक टन खाद और आने वाली है। अक्टूबर में बुवाई के लिए पूर्ति हो गई है लेकिन अगले महीने के लिए खाद का भंडारण करने के कारण यह दिक्कत सामने आई है।

बाह क्षेत्र की विधायक पक्षालिका सिंह ने जिलाधिकारी आगरा प्रभु नारायण सिंह से मिलकर DAP और यूरिया की कमी और कालाबाजारी की शिकायत करने के बाद बताया कि कुछ खाद विक्रेता 1400 – 1500 रुपये में DAP की बोरी बेच रहे हैं। जिलाधिकारी ने शीघ्र ही सहकारी समितियों पर DAP और NKP खाद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।

S Qureshi