आगरा के सांसद और केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्यमंत्री एस0 पी0 सिंह बघेल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साढ़े चार साल के शासन के गुणगान करने में कोई कसर न छोड़ते हुए मुख्यमंत्री को विकास का पुरोधा घोषित कर दिया।
हाल ही में आगरा के मीडिया के साथ एक बैठक में बघेल ने योगी की कार्यपद्धति की भूरि- भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि योगी जैसा मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश में पहली बार आया है जो केवल काम और विकास पर ही विश्वास करता है। अपने साढ़े चार साल में योगी ने अरबों रुपये के विकास कार्य करा दिए हैं और आगरा की समस्त सड़कें गड्ढामुक्त कर दी हैं।
हालांकि जब उपस्थित मीडियाकर्मियों ने राज्यमंत्री बघेल को शहर के सैंकड़ों गड्ढों (Agra Potholes) की गिनती गिनाई तो वे अपनी बात से पलट गए और इन गड्ढों (Agra Potholes) को ‘प्रसव पीड़ा’ की संज्ञा दे दी। बघेल ने कहा कि असहनीय प्रसव पीड़ा के बाद बच्चा होने के बाद जो सुख मिलता है वही सुख सीवर व अन्य कार्य पूर्ण होने के बाद शहर की जनता को मिलेगा।
रबर डैम, स्मार्ट सिटी के ख़राब कैमरे, पिंक टॉयलेट में पानी की समस्या व गोशाला में गोवंश की दुर्दशा की बाबत पूछने पर बघेल ने सभी मुद्दों को टाल दिया और कहा कि आज केवल विकास पर बात होगी और बाकी प्रश्नों पर बात फिर कभी होगी। आगरा में जहाँ पाइप लाइन बिछाने का कार्य हो रहा है या जहाँ मेट्रो का काम चल रहा है वहीं की सड़कें थोड़ी ख़राब (Agra Potholes) दिखाई दे रही हैं।
मंत्री बघेल ने केवल योगी आदित्यनाथ के कार्यों की सूची ही मीडिया को सुनाई और जैसे ही मीडियाकर्मियों ने आगरा की बदहाली की बाबत प्रश्न करना शुरू किया तो वे उठकर चलते बने।
उधर आगरा के विधायक योगेंद्र उपाध्याय ने भी मीडिया से बातचीत की लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यों का गुणगान कम और अपने द्वारा किये गए कार्यों की चर्चा अधिक की। एक प्रश्न के उत्तर में उपाध्याय ने कहा कि अगर हर इंसान को स्वच्छ पेयजल और उम्दा इलाज मिल जाए तो अनेक बीमारियाँ दूर ही नहीं होतीं, बल्कि होंगी ही नहीं। उपाध्याय ने बताया कि आगरा के निवासियों को मुद्दत से साफ और स्वच्छ पेयजल नहीं मिल रहा था। मेरे प्रयास से आज आगरा के हर घर में स्वच्छ – साफ़ और मीठा पेयजल पहुँच रहा है। इस गंगाजल को लाने के लिए मैं अकेला कई सालों से प्रयास कर रहा था। भगवन की कृपा से और योगीजी के सहयोग से मैं अपने प्रयास में कामयाब हो पाया।
इसी तरह आगरा के सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज के उच्चीकरण की दिशा में अपने प्रयासों का वर्णन करते हुए उपाध्याय ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के लिए मैंने केंद्र सरकार से लड़ाई लड़ी। प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी के सहयोग से उसमें भी सफलता मिली। पहले जहाँ लोग अस्पताल जाने से बचते थे, वहीं आज हर रोगी और उसके तीमारदार की पहली प्राथमिकता एस0 एन0 मेडिकल कॉलेज जाने की हो गयी है। कोविड महामारी के समय जितनी अच्छी इस अस्पताल से रोगियों को सेवाएं मिलीं, उतनी लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी कोई निजी अस्पताल नहीं दे पाया। यहाँ आने वाले हर मरीज की हर जांच पूरी तरह निःशुल्क है और विदेशी मशीनों से जांच की जा रही है। यह भी मेरी प्रयास का फल है कि आसपास के जिलों के लोग एम्स नहीं जा रहे, बल्कि आगरा आ रहे हैं।

