आगरा। यमुना पुल पर पीले रंग के बोरे में मिली एक सिर कटी लाश की पहचान, किसी चेहरे या कागज़ से नहीं, बल्कि एक छोटे से सुराग- गोल्डन नेल पेंट से हुई। इसी नेल पेंट ने आगरा पुलिस को उस लड़की तक पहुंचाया, जिसकी बेरहमी से हत्या (Agra HR Murder) कर दी गई थी। यह लाश दिविशा टेक्नोलॉजी में HR मैनेजर के पद पर कार्यरत मिंकी शर्मा की थी। आगे की जांच में जो कहानी सामने आई, वह प्यार, शक, जुनून और एक खूनी संकल्प की खौफनाक दास्तान बन गई।
24 जनवरी की तड़के करीब 4 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि यमुना के जवाहर पुल पर एक पीले रंग के बोरे में लाश पड़ी है। मौके पर पहुंची पुलिस ने बोरा खोला तो अंदर काली पॉलिथीन में टेप से पूरी तरह पैक एक युवती की न्यूड बॉडी मिली। पॉलिथीन से खून रिस रहा था। शव देखते ही साफ हो गया कि युवती की हत्या सिर काटकर की गई है। पुलिस ने आसपास सिर की तलाश की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास के अनुसार, इस केस में पुलिस के सामने दो बड़ी चुनौतियां थीं, पहली, युवती की पहचान और दूसरी, कातिल द्वारा फेंके गए सिर की बरामदगी। क्राइम सीन से यह साफ हो गया था कि हत्या एक ही व्यक्ति ने की है। पुल पर खून के निशान, बोरे को घसीटने के निशान और ग्रिल के पास ऊंचाई तक खून के छींटे इस बात की ओर इशारा कर रहे थे कि शव को लाने वाला व्यक्ति अकेला था और वजन अधिक होने के कारण वह बोरे को यमुना में नहीं फेंक सका।
पहचान की कड़ी तब जुड़ी, जब पुलिस की नजर शव के अंगूठे पर लगी गोल्डन रंग की नेल पॉलिश पर पड़ी। इसके बाद आगरा के सभी 44 थानों से पिछले दो दिनों में लापता हुई युवतियों की सूची मंगवाई गई। पांच लापता लड़कियों के परिजनों को बुलाकर उनकी बेटियों की नेल पॉलिश मंगवाई गई। अलग-अलग रंगों का मिलान किया गया, तो गोल्डन नेल पेंट मिंकी शर्मा के नेल पेंट से पूरी तरह मेल खा गया। फोटो और शारीरिक पहचान से पुष्टि हो गई कि शव आगरा के कालिंदी विहार क्षेत्र के पार्वती नगर निवासी मिंकी शर्मा का ही है।
पहचान होते ही जांच का फोकस कातिल (Agra HR Murder) पर आ गया। मिंकी दिविशा टेक्नोलॉजी में HR मैनेजर थी और उसी कंपनी में अकाउंटेंट के तौर पर काम करने वाला विनय राजपूत उसका करीबी था। कॉल डिटेल रिकॉर्ड में सबसे ज्यादा बातचीत विनय के नंबर से सामने आई। इसके बाद पुलिस ने संजय प्लेस से यमुना पुल तक के 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। कई कैमरों में मिंकी की स्कूटी पर एक युवक बोरा ले जाते हुए दिखाई दिया, वही युवक विनय था।
जांच में सामने आया कि मिंकी और विनय के बीच पिछले तीन साल से रिश्ता था। साथ काम करते-करते दोस्ती प्यार में बदली और विनय ने शादी तक का सपना देख लिया। शुरुआत में मिंकी भी शादी के लिए तैयार दिखी। दोनों ने अपने-अपने घरों में बात भी की, लेकिन बीते छह महीनों से मिंकी शादी की बात टालने लगी। फोन देर रात तक व्यस्त रहने लगा। यहीं से विनय के मन में शक और असुरक्षा ने जगह बना ली।
पुलिस पूछताछ में विनय ने कबूल किया कि उसके मन में यह सोच घर कर गई थी, “अगर मेरी नहीं हुई, तो किसी की नहीं होगी।” उसे लगने लगा था कि मिंकी किसी और से बात करती है, जबकि उसका खर्च वही उठाता है। यही सोच धीरे-धीरे गुस्से में बदली और फिर एक खौफनाक फैसले में।
विनय ने बताया कि उसने 17 जनवरी को हत्या की पूरी योजना बना ली थी। ऑफिस और बिल्डिंग में लगे सीसीटीवी कैमरों के तार काट दिए गए, ताकि कोई फुटेज न बचे। इसके बाद यमुना पार एक लोहार से नारियल काटने वाला तेज धार का चाकू खरीदा और उसे और पैना करवाया। इरादा साफ था।
23 जनवरी को मिंकी भाई की शादी का कार्ड भेजने के लिए संजय प्लेस आई थी और शाम करीब 4 बजे ऑफिस पहुंची। विनय ने ऑफिस बॉय को छुट्टी पर भेज दिया था। दोनों में बातचीत हुई, जिसमें मिंकी ने बताया कि भाई की शादी के कारण वह 15 दिन ऑफिस नहीं आएगी। रात करीब 8 बजे, जब आसपास के सभी दफ्तर बंद हो गए, विनय ने ऑफिस का गेट बंद कर लिया। इसी दौरान मिंकी ने शादी की शॉपिंग के लिए करीब 1.5 लाख रुपये मांगे। इसी बात पर विवाद बढ़ गया और गुस्से में विनय ने चाकू निकालकर मिंकी पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। पुलिस के अनुसार, मिंकी के शरीर पर 9 गहरे चाकू के घाव पाए गए (Agra HR Murder)।
हत्या के बाद विनय करीब आधे घंटे तक शव के पास बैठा रहा। इसके बाद उसने सबूत मिटाने और शव ठिकाने लगाने की हैवानियत भरी कोशिश शुरू की। करीब दो घंटे तक उसने ऑफिस की दीवारों और फर्श से खून साफ किया। शव को काली पॉलिथीन और प्लास्टिक के बोरे में पैक किया। पहचान छिपाने की सनक में उसने दरिंदगी की सारी हदें पार कर दीं।
रात करीब एक बजे वह बोरे को घसीटते हुए लिफ्ट से नीचे लाया और मिंकी की स्कूटी पर रख दिया। जवाहर पुल पहुंचकर उसने बोरे को यमुना में फेंकने की कोशिश की, लेकिन ग्रिल होने के कारण वह ऐसा नहीं कर सका। मजबूरन धड़ वहीं छोड़ दिया। इसके बाद वह झरना नाले के जंगल में गया और बैग में रखा मिंकी का कटा हुआ सिर नाले में फेंक दिया। स्कूटी वहीं छोड़कर वह घर चला गया।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि हत्या (Agra HR Murder) के बाद भी विनय ने ढोंग जारी रखा। वह रात करीब दो बजे घर पहुंचा और फिर मिंकी के भाई दीपक के साथ उसकी तलाश में भी निकल पड़ा। आगरा कैंट स्टेशन, थाने और एसएन मेडिकल कॉलेज तक वह परिजनों के साथ गया और गुमशुदगी दर्ज कराने में भी साथ रहा।
पोस्टमार्टम के बाद जब केवल मिंकी का धड़ परिजनों को सौंपा गया, तो परिवार ने अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया। हालांकि पुलिस के काफी समझाने के बाद आखिरकार शाम करीब 6 बजे केवल धड़ का ही अंतिम संस्कार किया गया। मिंकी का सिर अब तक बरामद नहीं हो सका है और झरना नाले में सर्च ऑपरेशन जारी है।
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि आरोपी विनय राजपूत के खिलाफ मजबूत साक्ष्य हैं। उसके घर से मिंकी के कपड़े और हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू बरामद किया गया है। ऑफिस की दीवारों पर खून के छींटे भी मिले हैं। आरोपी ने अपना जुर्म (Agra HR Murder) कबूल कर लिया है और उसे जेल भेज दिया गया है।
गोल्डन नेल पेंट से शुरू हुई यह जांच अब एक ऐसी कहानी बन चुकी है, जो बताती है कि कैसे प्यार, शक और जुनून मिलकर एक पढ़ी–लिखी कामकाजी महिला की जिंदगी छीन लेते हैं।
